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चीन में अब हंता वायरस का नया मामला, जानें क्या हैं लक्षण और बचाव

What is Hantavirus and how does it spread

What is Hantavirus and how does it spread     सेंटर ऑफ डिजीज़ कंट्रोल एंड प्रीवेंशन  (Centre for Disease Control and Prevention) ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि घर के अंदर व बाहर चूहे हंता वायरस का संक्रमण फैलने की शुरुआती वजह बन सकता है।    कोरोना वायरस के बाद एक और वायरस ने विश्वभर में खलबली मचा दी है। विश्वभर में कोरोना वायरस से खौफ के बीच हंता वायरस ने भी लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीन में हंता वायरस के कारण से 23 मार्च को एक व्यक्ति की मौत की खबर है।    मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हंता वायरस से संक्रमित व्यक्ति जिस बस में सवार था, उसमें सवार 32 लोगों की जांच की गई है। चीन में कोरोना वायरस के कारण हजारों लोगों की मौत हो गई है। हंता वायरस का यह मामला ऐसे समय पर आया है जब पूरी दुनिया वुहान से निकले कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रही है।      क्या है हंता वायरस?    विशेषज्ञों के अनुसार हंता वायरस चूहे के संपर्क में आने से इंसान में फैलता है. सेंटर ऑफ डिजीज़ कंट्रोल एंड प्रीवेंशन  (Centre for Disease Control and Prevention) ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि घर के अंदर व बाहर चूहे हंता वायरस का संक्रमण फैलने की शुरुआती वजह बन सकता है। यदि कोई व्यक्ति पूरी तरह स्‍वस्‍थ भी है तो भी हंता वायरस के संपर्क में आने पर उसके संक्रमित होने का खतरा रहता है।    हालांकि आमतौर पर हंता वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं जाता है। हंता के संक्रमण का पता लगने में एक से आठ हफ्तों का समय लग सकता है। सेंटर ऑफ डिजीज़ कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के अनुसार यदि कोई व्‍यक्ति चूहों के मल-मूत्र या उनके बिल की चीजें वगैरह छूने के बाद अपनी आंख, नाक और मुंह को छूता है तो उसमें हंता वायरस का संक्रमण फैल सकता है। कोरोना वायरस की तरह हंता वायरस हवा में नहीं फैलता है।      हंता वायरस के लक्षण    कोरोना वायरस और हंता वायरस के लक्षण काफी एक जैसे हैं। दोनों ही स्थिति में बुखार, सिर में दर्द, सांस लेने में परेशानी, बदन दर्द होता है। इसके अतिरिक्त हंता वायरस से संक्रमित होने पर पेट में दर्द, उल्‍टी, डायरिया भी हो जाता है।      हंता वायरस की शुरुआत  पहली बार हंता वायरस के संक्रमण का मामला मई 1993 में दक्षिण पश्चिमी अमेरिका से आया था। ये एरिजोना, न्यू मेक्सिको, कोलोराडो और उटाह का क्षेत्र था। सीडीसी ने अपनी रिपोर्ट में कनाडा, अर्जेंटीना, बोलीविया, ब्राजील, चिली, पनामा, पैरागुए और उरागुए से भी इस तरह के मामले आने की पुष्टि की है. सीडीसी के अनुसार हंता वायरस से मृत्युदर 38 फीसदी होती है और इस बीमारी का कोई 'स्पेसिफिक ट्रीटमेंट' नहीं है।

सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन  (Centre for Disease Control and Prevention) ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि घर के अंदर व बाहर चूहे हंता वायरस का संक्रमण फैलने की शुरुआती वजह बन सकता है

कोरोना वायरस के बाद एक और वायरस ने विश्वभर में खलबली मचा दी है। विश्वभर में कोरोना वायरस से खौफ के बीच हंता वायरस ने भी लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीन में हंता वायरस के कारण से 23 मार्च को एक व्यक्ति की मौत की खबर है।

मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हंता वायरस से संक्रमित व्यक्ति जिस बस में सवार था, उसमें सवार 32 लोगों की जांच की गई है। चीन में कोरोना वायरस के कारण हजारों लोगों की मौत हो गई है। हंता वायरस का यह मामला ऐसे समय पर आया है जब पूरी दुनिया वुहान से निकले कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रही है।


क्या है हंता वायरस?

विशेषज्ञों के अनुसार हंता वायरस चूहे के संपर्क में आने से इंसान में फैलता है। सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन  (Centre for Disease Control and Prevention) ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि घर के अंदर व बाहर चूहे हंता वायरस का संक्रमण फैलने की शुरुआती वजह बन सकता है। यदि कोई व्यक्ति पूरी तरह स्‍वस्‍थ भी है तो भी हंता वायरस के संपर्क में आने पर उसके संक्रमित होने का खतरा रहता है।

हालांकि आमतौर पर हंता वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं जाता है। हंता के संक्रमण का पता लगने में एक से आठ हफ्तों का समय लग सकता है। सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के अनुसार यदि कोई व्‍यक्ति चूहों के मल-मूत्र या उनके बिल की चीजें वगैरह छूने के बाद अपनी आंख, नाक और मुंह को छूता है तो उसमें हंता वायरस का संक्रमण फैल सकता है। कोरोना वायरस की तरह हंता वायरस हवा में नहीं फैलता है।


हंता वायरस के लक्षण

कोरोना वायरस और हंता वायरस के लक्षण काफी एक जैसे हैं। दोनों ही स्थिति में बुखार, सिर में दर्द, सांस लेने में परेशानी, बदन दर्द होता है। इसके अतिरिक्त हंता वायरस से संक्रमित होने पर पेट में दर्द, उल्‍टी, डायरिया भी हो जाता है।


हंता वायरस की शुरुआत
पहली बार हंता वायरस के संक्रमण का मामला मई 1993 में दक्षिण पश्चिमी अमेरिका से आया था। ये एरिजोना, न्यू मेक्सिको, कोलोराडो और उटाह का क्षेत्र था। सीडीसी ने अपनी रिपोर्ट में कनाडा, अर्जेंटीना, बोलीविया, ब्राजील, चिली, पनामा, पैरागुए और उरागुए से भी इस तरह के मामले आने की पुष्टि की है. सीडीसी के अनुसार हंता वायरस से मृत्युदर 38 फीसदी होती है और इस बीमारी का कोई 'स्पेसिफिक ट्रीटमेंट' नहीं है।
   

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जनता कर्फ्यू क्या है?

What is ‘Janta Curfew’ and how it will play out 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस (Corona virus) को लेकर 19 मार्च 2020 को रात 8:00 बजे देश को संबोधित किया प्रधानमंत्री ने कहा कि 'ये संकट ऐसा है, जिसने विश्व भर में पूरी मानवजाति को संकट में डाल दिया है सरकार कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए लगातार इससे लोगों को बचाने की कोशिश में लगी है। केंद्र सरकार ने 22 से 29 मार्च तक सभी देशों से आने-जाने वाली उड़ानों पर रोक का घोषणा किया हैकेवल किसी विशेष परिस्थिति में ही उड़ान की अनुमति होगी। दरअसल, कोरोना वायरस फैलने की चार अलग-अलग स्टेजेस हैं। जिनमें से भारत दूसरी स्टेज में है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 130 करोड़ नागरिकों ने कोरोना वैश्विक महामारी का डटकर मुकाबला किया है, आवश्यक सावधानियां बरती हैं।


जनता कर्फ्यू (Janata Curfew) क्‍या है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपील की कि वे 'जनता कर्फ्यू' लगाएं। प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, इस रविवार यानि 22 मार्च 2020 को सुबह 7:00 बजे से रात 9:00 बजे तक कोई व्‍यक्ति बाहर न निकले जनता कर्फ्यू जनता द्वारा खुद पर लगाया गया कर्फ्यू है। उन्होने अपने सम्बोधन में भारत की जनता से आग्रह किया कि वे सभी आने वाले 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक जनता कर्फ्यू का पालन करें।

उन्होने जनता कर्फ्यू को जनता के लिए, जनता द्वारा, खुद पर लगाया गया कर्फ्यू कहकर परिभाषित किया। उन्होने देशवाशियों से आग्रह किया कि जनता कर्फ्यू के दौरान जरुरी सेवाओं से सम्बन्धित लोगो के अतिरिक्त कोई भी नागरिक घरों से बाहर न निकलें। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये 'जनता कर्फ्यू' कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई के लिए भारत कितना तैयार है, ये देखने और परखने का भी समय है उन्‍होंने कहा कि ये जनता कर्फ्यू एक प्रकार से भारत के लिए एक कसौटी की तरह होगा।


ब्‍लैक आउट क्या है?

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज की पीढ़ी इससे बहुत परिचित नहीं होगी लेकिन पुराने समय में जब युद्ध की स्थिति होती थी तो गांव-गांव में ब्‍लैक आउट किया जाता था। घरों के शीशों पर कागज लगाया जाता था, लाईट बंद कर दी जाती थी, लोग चौकी बनाकर पहरा देते थे।


भारत दूसरी स्टेज में

कोरोना वायरस फैलने की चार अलग-अलग स्टेजेस हैं. इनमें से भारत दूसरी स्टेज में है। पहले स्टेज में वह स्थिति आती है जिसमें किसी दूसरे देश से संक्रमित व्यक्ति हमारे देश में आए दूसरी स्टेज जिससे फिलहाल भारत गुजर रहा है उसमें विदेश से आए संक्रमित व्यक्ति से स्थानीय स्तर पर संक्रमण फैलने लगे।

तीसरी स्टेज होती है सामुदायिक प्रसारण (Community Transmission) की जिसमें संक्रमण स्थानीय स्तर पर तेजी से फैलने लगता है और एक या दो लोगों की बजाय कई इलाके प्रभावित हो जाते हैं। इसमें बिना विदेश यात्रा किए भी लोगों में संक्रमण पाया जाने लगता है चौथी स्टेज में यह संक्रमण महामारी बन जाता है जैसे की चीन में हुआ और भारी संख्या में लोगों की मौत होने लगती है।

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Bihar Police: सिपाही बहाली की लिखित परीक्षा का परिणाम मई तक आएगा

Bihar Police 11880 Constable exam result date


बिहार पुलिस सिपाही बहाली की लिखित परीक्षा का परिणाम मई 2020 तक आ सकता है। अभ्यर्थियों की बड़ी तादाद के चलते कॉपियों की जांच में दो से ढाई महीने का वक्त लग सकता है। इसे देखते हुए संभावना है कि मई के आखिर तक लिखित परीक्षा का रिजल्ट घोषित किया जाएगा। इसके बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जाएगी। लिखित परीक्षा के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों को इसमें कई स्पर्धाओं में भाग लेना होगा। 


दोनों चरणों की कॉपियों की एक साथ जांच होगी

सिपाही बहाली के लिए दो चरणों में लिखित परीक्षा हुई है। पहले चरण में 12 जनवरी को दो पालियों में परीक्षा आयोजित की गई थी। वहीं दूसरे चरण में भी दो पालियों में 8 मार्च को परीक्षा हुई। जानकारी के मुताबिक करीब 11 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए हैं। चयन पर्षद के मुताबिक भले ही पहले और दूसरे चरण की परीक्षा के बीच लम्मा अंतराल है पर कॉपियों की जांच एक साथ होगी। इसमें दो से ढाई माह का वक्त लग सकता है। इसे देखते हुए लिखित परीक्षा का परिणाम मई तक आ सकता है। 


11880 पदों  पर होनी है बहाली

बिहार पुलिस में सिपाही के 11880 पदों पर बहाली की प्रक्रिया चल रही है। इसके तहत पहले लिखित परीक्षा हुई। इसके आधार पर शारीरिक परीक्षा के लिए पद के मुकाबले पांच गुना अभ्यर्थियों का चयन होगा। शारीरिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की मेधा सूची तैयार की जाएगी। शारीरिक दक्षता परीक्षा के तहत अभ्यर्थियों को दौड़, ऊंची कूद और गोला फेंक में भाग लेना होगा।

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भारत के प्रमुख सरकारी ऐप/पोर्टल की सूची 2020

Government App/Portal


भारत सरकार के प्रमुख सरकारी एप्‍प एवं पोर्टल (Government App/Portal)-केंद्र व राज्य सरकारें जनता के हितों व जरूरी सूचना हेतु समय समय पर एप्‍प एवं पोर्टल जारी करती है। इसी पर आधारित कई प्रश्न करेंट अफेयर्स के अन्तर्गत लगभग सभी सामान्य ज्ञान के पेपर में पूछे जाते हैं। हम यहाँ प्रमुख “सरकारी ऐप/पोर्टल (Government App/Portal) की पूरी सूची दे रहे हैं। जिसके अध्ययन से आप न सिर्फ खुद जान सकोगें बल्कि पूछे गये सवालों का सही उत्तर भी दे सकते हैं। अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगे तो अपने दोस्तों को ​शेयर जरूर करें।


एप्प                             संबंधित क्षेत्र

पैसा पोर्टल ऐप ➽ छोटे व्यापारियों को सस्ता लोन और ब्याज दर में छूट के लिए

आरम्भ मोबाइल ऐप ➽ सड़क सुरक्षा

दर्पण ऐप ➽ डाक बीमा

पेंसिल पोर्टल  बाल मजदूरी रोकने के लिए

उमंग ➽ नागरिकों को एक ही मंच पर सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ पहुंचाने के लिए

सागर वाणी ➽ तटीय क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए आपातकालीन चेतावनी

peunit ➽ लापता बच्चों को ढूंढ़ने के लिए

आयकत सेतु ➽ आयकर दाताओं के लिए

सचेत ➽ बैंक में धोखाधड़ी

भीम/तेज ➽ डिजिटल पेमेंट

दिव्यांग सारथी ➽ दिव्यांग सशक्तिकरण

निदान ➽ बीमारी की निगरानी के लिए

खान प्रहरी ➽ कोयला चोरी रोकने के लिए

प्राप्ति ➽ बिजली भुगतान में पारदर्शिता के लिए

सारथी/मदद ➽ रेलवे

ऊर्जा मित्र ➽ बिजली कटौती के प्रबन्धन से

स्वच्छ ➽ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता सुधार की निगरानी

ई-सहज पोर्टल ➽ निजी कम्पनियों को सुरक्षा देने हेतु

जन-धन दर्शक ➽ बैंकिंग सुविधाओं को आसान बनाने हेतु

उत्तम ऐप ➽ मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा निर्गत

दीक्षा पोर्टल ➽ शिक्षकों की जीवन शैली डिजिटल बनाने हेतु

साथी ऐप ➽ अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा हेतु

ई-साथ ऐप  ➽ आम जनता को बिना थाने गए सुविधा प्रदान करने हेतु

समाधान ऐप ➽ चुनाव आयोग से संबंधित

जन औषधि सुगम ➽ जैविक दवाओं और दुकानों की तलाश हेतु

रोशनी ऐप ➽ दृष्टिबाधितों को मुद्रा नोटों की पहचान करने हेतु

जागरूक ऐप ➽ चौबीस घंटे बिजली सुनिश्चित करने हेतु

प्रकाश पोर्टल ➽ बिजली संयंत्रों के लिए कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु

दामिनी ऐप ➽ बिजली चेतावनी हेतु

माई सर्कल ऐप ➽ विषम परिस्थितियों में महिलाओं की सहायता करने हेतु

शिक्षावाणी ऐप ➽ छात्रों एवं अभिभावकों को महत्वपूर्ण सूचनाएं उचित समय पर पहुंचाने हेतु

शगुन ऐप ➽ स्कूल शिक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने हेतु

बोलो ऐप ➽ स्कूल न जा पानेवाले बच्चों को घर पर ही शिक्षा देने हेतु

कर्त्तव्य पोर्टल ➽ प्रतिमाह छात्रों के लिए निबंध प्रतियोगिता का आयोजन करने हेतु

मेघदूत ऐप ➽ किसानों को तकनीक से जोड़ने हेतु

एम-हरियाली ऐप ➽ वृक्षारोपण एवं हरित क्षेत्रों में हरियाली वृद्धि हेतु

मधु ऐप ➽ ओडिशा सरकार द्वारा स्कूल के छात्रों हेतु

शिशु सुरक्षा ऐप ➽ असम सरकार द्वारा बच्चों की सुरक्षा हेतु

मोबाइल वाणी ऐप ➽ बिहार सुरकार द्वारा चमकी बुखार से बचाव, उपचार और जागरूकता पैदा करने हेतु

अतिथि ऐप ➽ हवाई अड्डों पर सीमा शुल्क द्वारा पेरशानी मुक्त और तेजी से निकासी की सुविधा हेतु


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फ्रीडम इन द वर्ल्ड 2020 रिपोर्ट में भारत को 83वां स्थान प्राप्त हुआ

Freedom in the world 2020 report: India ranked 83rd among least free democracies; Finland tops


एक अमेरिकी संस्था ‘फ्रीडम हाउस’ द्वारा हाल ही में ‘फ्रीडम इन द वर्ल्ड 2020’ नामक एक रिपोर्ट जारी की गई। रिपोर्ट के तहत 195 देशों में वर्ष 2019 के दौरान स्वतंत्रता की स्थिति का मूल्यांकन किया गया है इस रिपोर्ट में भारत की स्थिति अच्छी नहीं बताई गई है।

रिपोर्ट तैयार करने के लिए दो संकेतकों का प्रयोग किया गया है जिनमें राजनीतिक अधिकार (0–40 अंक) और नागरिक स्वतंत्रता (0–60 अंक) शामिल किये गये हैं। इस रिपोर्ट में फिनलैंड, नॉर्वे और स्वीडन को 100 में से 100 अंक मिले हैं जबकि भारत को 83वां स्थान दिया गया है।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2019 में भारत की हिंदू राष्ट्रवादी सरकार द्वारा कश्मीर में लागू किये गये विभिन्न निर्णयों से महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन किया गया है।


फ्रीडम इन द वर्ल्ड 2020 रिपोर्ट में भारत

 इस रिपोर्ट में भारत में सरकार द्वारा कश्मीर में लगाये गये विभिन्न प्रतिबंधों का हवाला दिया गया है।

 इस रिपोर्ट में भारत को तिमोर-लेस्ते और सेनेगल के साथ 83वें स्थान पर रखा गया है।

 ‘स्वतंत्र’ वर्ग के रूप में वर्गीकृत देशों में केवल ट्यूनीशिया को भारत से कम स्कोर प्राप्त हुआ है।

 भारत का स्थान इस वर्ष विश्व के 25 सबसे बड़े लोकतंत्रों के स्कोर में सबसे कम है इस वर्ष भारत का स्कोर चार अंक गिरकर 71 हो गया है।

 भारत ने राजनीतिक अधिकार श्रेणी में 40 में से 34 अंक प्राप्त किये हैं, लेकिन नागरिक स्वतंत्रता श्रेणी में इसे 60 में से केवल 37 अंक प्राप्त हुए हैं।

 इस रिपोर्ट के पिछले संस्करण में भारत को 75 अंक प्राप्त हुए थे।


भारत की कमजोर स्थिति के कारण
 फ्रीडम इन द वर्ल्ड 2020 रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत सरकार द्वारा कश्मीर में शटडाउन किया गया है साथ ही साथ नागरिक रजिस्टर और नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के अलावा बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के चलते भारत की स्थिति कमजोर हुई है।

 भारत में हो रहे विरोध प्रदर्शनों और सरकार के रुख के कारण भारत के धर्मनिरपेक्ष और समावेशी स्वरूप पर खतरा उत्पन्न हो गया है।

 इस रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान सरकार ने देश की बहुलता और व्यक्तिगत अधिकारों के लिये अपनी प्रतिबद्धता से खुद को दूर कर लिया है, जिसके बिना लोकतंत्र लंबे समय तक जीवित नहीं रह सकता है।

 रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को लंबे समय से चीन के लोकतांत्रिक प्रतिरोधी के रूप में देखा जाता रहा है और इसलिये इस क्षेत्र में भारत संयुक्त राज्य अमेरिका का एक महत्त्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। अब यह दृष्टिकोण बदल रहा है और चीन के समान भारत को भी लोकतांत्रिक मुद्दों पर आलोचना झेलनी पड़ रही है।

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महाआंदोलन

3 March Bihar Closed

दारोगा अभ्यर्थियों पिछले कई दिनों से लगातार अपनी माँगों को ले कर अड़े हैं लेकिन सुशासन बाबू इससे कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा है वे लगातार इनकी मांगों को अनसुना कर रहे हैं, अब ये देखना है की इन छात्रों की जायज मांगों को कब तक अनसुना करते हैं क्योंकि छात्र भी अब दम भरते हुये लगातार अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि, जब तक तोड़ेंगे नहीं तब तक छोड़ेंगे नहीं। अर्थात जब तक CBI की जांच को नहीं माना जायेगा छात्र लगातार बिभिन्न तरीके से अपना बिरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।


दारोगा अभ्यर्थियों ने कल भी (1 मार्च  2020) अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज करवाया। जदयू के कायकर्ता सम्मेलन के दौरान गांधी मैदान में दारोगा परीक्षा के अभ्यर्थियों ने पेपर लीक मामले की CBI जांच काराने की मांग की। कई अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान मंच के ठीक सामने स्थित दीर्घा में पहुंचे और CBI जांच की मांग करने लगे। दारोगा अभ्यर्थियों ने अपने साथ प्रश्न पत्र वायरल के साक्ष्य और पोस्टर लेकर आये थे जिसे वे लगातार दिखा रहे थे। 

सुशासन बाबू को यह समझना चाहिए की छात्रों की बातों को समझें यूँ छात्रों पर दमनकारी नीति अपनाने और अनसुना करने से अब काम नहीं चलने वाला। 

आपको यहाँ पर हम बतातें चलें की इससे पूर्व भी दारोगा अभ्यर्थियों ने 26, 30 दिसंबर 2019 को आंदोलन किये थे व दिनांक 31 दिसंबर 2019 एवं 7 जनवरी 2020 को इस पर्चा लिक से सम्बंधित साक्ष्य की जानकारी मोबाईल के साथ BPSSC कार्यलय में जाकर आयोग के OSD को दी थी। जहाँ पर आयोग के OSD द्वारा परीक्षार्थियों को यह आश्वासन देते हुए कहा गया था कि उक्त मामले की जांच करवाई जायेगी तथा आपको भी बुलाया जायेगा लेकिन उक्त परीक्षार्थियों को न बुलाते हुये उक्त परीक्षा का रिजल्ट दिनांक 28 जनवरी को घोषित कर दिया गया। जिसको देखते हुए उक्त परीक्षार्थियों ने मामले की CBI  जांच करवाने की मांग को लेकर 4, 13, 19, फरवरी को पुरे बिहार में दारोगा अभ्यर्थियों के साथ-साथ बिहार के सभी परीक्षा अभ्यर्थियों ने परीक्षा में धांधली/प्रश्न पत्र वायरल को लेकर आंदोलन किये थे। दारोगा अभ्यर्थियों ने परीक्षा में धांधली का आरोप लगाते हुए पटना सहित बिहार के बिभिन्न जिले की सड़कों पर उतरे।

एक तरफ बिहार के सीएम नीतीश कुमार सुशासन का राग अलापते हैं। दूसरी ओर दारोगा बहाली में मचे धांधली के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज करवाते हैं। नीतीश सरकार के इस दोहरे रवैये की आलोचना राजधानी पटना सहित सभी स्तरों पर की जा रही है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता हैं कि भाग रहे अभ्यर्थियों की क्रूरतापूर्वक पिटाई, आंसू गैस/टियर गैस से हमला, पानी की बौछार गई। वहीं कई छात्रों की गिरफ्तारी और एफआईआर दर्ज की गई। जो की सरकार की गैर जिम्मेदारी या यूँ कहें तानाशाही रवैये को दर्शाता है। 

3 मार्च को होनेवाली बंद के दौरान आप सब से अपील है की किसी भी प्रकार के उसकाबे में न आयें और हिंसा का प्रयोग तो एकदम ही नहीं करेंगे और न करने दें। संवैधानिक दायरे में रहते हुए बिना हिंसा किये हुए अपना बिरोद्ध प्रकट करें। यह याद रहे यह लड़ाई सिर्फ दारोगा छात्रों का नहीं है बल्कि बिहार से ताल्लुक रखने वाले हर एक छात्र का है।

“जय हिंद जय बिहार” 
'छात्र ऐकता जिंदाबाद' 

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