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चीन में अब हंता वायरस का नया मामला, जानें क्या हैं लक्षण और बचाव

What is Hantavirus and how does it spread

What is Hantavirus and how does it spread     सेंटर ऑफ डिजीज़ कंट्रोल एंड प्रीवेंशन  (Centre for Disease Control and Prevention) ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि घर के अंदर व बाहर चूहे हंता वायरस का संक्रमण फैलने की शुरुआती वजह बन सकता है।    कोरोना वायरस के बाद एक और वायरस ने विश्वभर में खलबली मचा दी है। विश्वभर में कोरोना वायरस से खौफ के बीच हंता वायरस ने भी लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीन में हंता वायरस के कारण से 23 मार्च को एक व्यक्ति की मौत की खबर है।    मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हंता वायरस से संक्रमित व्यक्ति जिस बस में सवार था, उसमें सवार 32 लोगों की जांच की गई है। चीन में कोरोना वायरस के कारण हजारों लोगों की मौत हो गई है। हंता वायरस का यह मामला ऐसे समय पर आया है जब पूरी दुनिया वुहान से निकले कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रही है।      क्या है हंता वायरस?    विशेषज्ञों के अनुसार हंता वायरस चूहे के संपर्क में आने से इंसान में फैलता है. सेंटर ऑफ डिजीज़ कंट्रोल एंड प्रीवेंशन  (Centre for Disease Control and Prevention) ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि घर के अंदर व बाहर चूहे हंता वायरस का संक्रमण फैलने की शुरुआती वजह बन सकता है। यदि कोई व्यक्ति पूरी तरह स्‍वस्‍थ भी है तो भी हंता वायरस के संपर्क में आने पर उसके संक्रमित होने का खतरा रहता है।    हालांकि आमतौर पर हंता वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं जाता है। हंता के संक्रमण का पता लगने में एक से आठ हफ्तों का समय लग सकता है। सेंटर ऑफ डिजीज़ कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के अनुसार यदि कोई व्‍यक्ति चूहों के मल-मूत्र या उनके बिल की चीजें वगैरह छूने के बाद अपनी आंख, नाक और मुंह को छूता है तो उसमें हंता वायरस का संक्रमण फैल सकता है। कोरोना वायरस की तरह हंता वायरस हवा में नहीं फैलता है।      हंता वायरस के लक्षण    कोरोना वायरस और हंता वायरस के लक्षण काफी एक जैसे हैं। दोनों ही स्थिति में बुखार, सिर में दर्द, सांस लेने में परेशानी, बदन दर्द होता है। इसके अतिरिक्त हंता वायरस से संक्रमित होने पर पेट में दर्द, उल्‍टी, डायरिया भी हो जाता है।      हंता वायरस की शुरुआत  पहली बार हंता वायरस के संक्रमण का मामला मई 1993 में दक्षिण पश्चिमी अमेरिका से आया था। ये एरिजोना, न्यू मेक्सिको, कोलोराडो और उटाह का क्षेत्र था। सीडीसी ने अपनी रिपोर्ट में कनाडा, अर्जेंटीना, बोलीविया, ब्राजील, चिली, पनामा, पैरागुए और उरागुए से भी इस तरह के मामले आने की पुष्टि की है. सीडीसी के अनुसार हंता वायरस से मृत्युदर 38 फीसदी होती है और इस बीमारी का कोई 'स्पेसिफिक ट्रीटमेंट' नहीं है।

सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन  (Centre for Disease Control and Prevention) ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि घर के अंदर व बाहर चूहे हंता वायरस का संक्रमण फैलने की शुरुआती वजह बन सकता है

कोरोना वायरस के बाद एक और वायरस ने विश्वभर में खलबली मचा दी है। विश्वभर में कोरोना वायरस से खौफ के बीच हंता वायरस ने भी लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीन में हंता वायरस के कारण से 23 मार्च को एक व्यक्ति की मौत की खबर है।

मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हंता वायरस से संक्रमित व्यक्ति जिस बस में सवार था, उसमें सवार 32 लोगों की जांच की गई है। चीन में कोरोना वायरस के कारण हजारों लोगों की मौत हो गई है। हंता वायरस का यह मामला ऐसे समय पर आया है जब पूरी दुनिया वुहान से निकले कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रही है।


क्या है हंता वायरस?

विशेषज्ञों के अनुसार हंता वायरस चूहे के संपर्क में आने से इंसान में फैलता है। सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन  (Centre for Disease Control and Prevention) ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि घर के अंदर व बाहर चूहे हंता वायरस का संक्रमण फैलने की शुरुआती वजह बन सकता है। यदि कोई व्यक्ति पूरी तरह स्‍वस्‍थ भी है तो भी हंता वायरस के संपर्क में आने पर उसके संक्रमित होने का खतरा रहता है।

हालांकि आमतौर पर हंता वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं जाता है। हंता के संक्रमण का पता लगने में एक से आठ हफ्तों का समय लग सकता है। सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के अनुसार यदि कोई व्‍यक्ति चूहों के मल-मूत्र या उनके बिल की चीजें वगैरह छूने के बाद अपनी आंख, नाक और मुंह को छूता है तो उसमें हंता वायरस का संक्रमण फैल सकता है। कोरोना वायरस की तरह हंता वायरस हवा में नहीं फैलता है।


हंता वायरस के लक्षण

कोरोना वायरस और हंता वायरस के लक्षण काफी एक जैसे हैं। दोनों ही स्थिति में बुखार, सिर में दर्द, सांस लेने में परेशानी, बदन दर्द होता है। इसके अतिरिक्त हंता वायरस से संक्रमित होने पर पेट में दर्द, उल्‍टी, डायरिया भी हो जाता है।


हंता वायरस की शुरुआत
पहली बार हंता वायरस के संक्रमण का मामला मई 1993 में दक्षिण पश्चिमी अमेरिका से आया था। ये एरिजोना, न्यू मेक्सिको, कोलोराडो और उटाह का क्षेत्र था। सीडीसी ने अपनी रिपोर्ट में कनाडा, अर्जेंटीना, बोलीविया, ब्राजील, चिली, पनामा, पैरागुए और उरागुए से भी इस तरह के मामले आने की पुष्टि की है. सीडीसी के अनुसार हंता वायरस से मृत्युदर 38 फीसदी होती है और इस बीमारी का कोई 'स्पेसिफिक ट्रीटमेंट' नहीं है।
   

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