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महाआंदोलन

3 March Bihar Closed

दारोगा अभ्यर्थियों पिछले कई दिनों से लगातार अपनी माँगों को ले कर अड़े हैं लेकिन सुशासन बाबू इससे कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा है वे लगातार इनकी मांगों को अनसुना कर रहे हैं, अब ये देखना है की इन छात्रों की जायज मांगों को कब तक अनसुना करते हैं क्योंकि छात्र भी अब दम भरते हुये लगातार अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि, जब तक तोड़ेंगे नहीं तब तक छोड़ेंगे नहीं। अर्थात जब तक CBI की जांच को नहीं माना जायेगा छात्र लगातार बिभिन्न तरीके से अपना बिरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।


दारोगा अभ्यर्थियों ने कल भी (1 मार्च  2020) अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज करवाया। जदयू के कायकर्ता सम्मेलन के दौरान गांधी मैदान में दारोगा परीक्षा के अभ्यर्थियों ने पेपर लीक मामले की CBI जांच काराने की मांग की। कई अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान मंच के ठीक सामने स्थित दीर्घा में पहुंचे और CBI जांच की मांग करने लगे। दारोगा अभ्यर्थियों ने अपने साथ प्रश्न पत्र वायरल के साक्ष्य और पोस्टर लेकर आये थे जिसे वे लगातार दिखा रहे थे। 

सुशासन बाबू को यह समझना चाहिए की छात्रों की बातों को समझें यूँ छात्रों पर दमनकारी नीति अपनाने और अनसुना करने से अब काम नहीं चलने वाला। 

आपको यहाँ पर हम बतातें चलें की इससे पूर्व भी दारोगा अभ्यर्थियों ने 26, 30 दिसंबर 2019 को आंदोलन किये थे व दिनांक 31 दिसंबर 2019 एवं 7 जनवरी 2020 को इस पर्चा लिक से सम्बंधित साक्ष्य की जानकारी मोबाईल के साथ BPSSC कार्यलय में जाकर आयोग के OSD को दी थी। जहाँ पर आयोग के OSD द्वारा परीक्षार्थियों को यह आश्वासन देते हुए कहा गया था कि उक्त मामले की जांच करवाई जायेगी तथा आपको भी बुलाया जायेगा लेकिन उक्त परीक्षार्थियों को न बुलाते हुये उक्त परीक्षा का रिजल्ट दिनांक 28 जनवरी को घोषित कर दिया गया। जिसको देखते हुए उक्त परीक्षार्थियों ने मामले की CBI  जांच करवाने की मांग को लेकर 4, 13, 19, फरवरी को पुरे बिहार में दारोगा अभ्यर्थियों के साथ-साथ बिहार के सभी परीक्षा अभ्यर्थियों ने परीक्षा में धांधली/प्रश्न पत्र वायरल को लेकर आंदोलन किये थे। दारोगा अभ्यर्थियों ने परीक्षा में धांधली का आरोप लगाते हुए पटना सहित बिहार के बिभिन्न जिले की सड़कों पर उतरे।

एक तरफ बिहार के सीएम नीतीश कुमार सुशासन का राग अलापते हैं। दूसरी ओर दारोगा बहाली में मचे धांधली के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज करवाते हैं। नीतीश सरकार के इस दोहरे रवैये की आलोचना राजधानी पटना सहित सभी स्तरों पर की जा रही है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता हैं कि भाग रहे अभ्यर्थियों की क्रूरतापूर्वक पिटाई, आंसू गैस/टियर गैस से हमला, पानी की बौछार गई। वहीं कई छात्रों की गिरफ्तारी और एफआईआर दर्ज की गई। जो की सरकार की गैर जिम्मेदारी या यूँ कहें तानाशाही रवैये को दर्शाता है। 

3 मार्च को होनेवाली बंद के दौरान आप सब से अपील है की किसी भी प्रकार के उसकाबे में न आयें और हिंसा का प्रयोग तो एकदम ही नहीं करेंगे और न करने दें। संवैधानिक दायरे में रहते हुए बिना हिंसा किये हुए अपना बिरोद्ध प्रकट करें। यह याद रहे यह लड़ाई सिर्फ दारोगा छात्रों का नहीं है बल्कि बिहार से ताल्लुक रखने वाले हर एक छात्र का है।

“जय हिंद जय बिहार” 
'छात्र ऐकता जिंदाबाद' 

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